ज़िंदगी ने जब अजमाया,
परीक्षा का जब कहर बरपाया,
हमने भी उसका प्रश्नपत्र उठाया,
हल करने का उसको मैंने मन बनाया,
जब पहली परीक्षा में पास ना आया,
हौसला मेरा भी थोड़ा डगमगाया,
जिंदगी ने फिर थोड़ा तरस खाया,
नए अवसर के रूप में,
दूसरा प्रश्नपत्र मुझे थमाया,
हल किया उसको,
सफलता तक फिर भी पहुंच न पाया,
लिया हिम्मत से काम,
जब तीसरा प्रश्नपत्र आया,
थोड़ी सूझबूझ के साथ उसको सुझाया,
जिंदगी ने भी मेरा साथ निभाया,
कि कोशिश ओर जुनून तुने मुझे दिखाया,
तेरी लगन से मन मेरा हर्षाया,
जिंदगी ने मुझे,
जीवन और संघर्ष का पाठ पढ़ाया,
मैं फिर जिंदगी की तरफ मुस्कुराया,
ऐ जिन्दगी,
धन्यवाद है तेरा,
जो जीने का सलीका बतलाया।।
✍️ kirti chhabra 💗

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