आईने के सामने जाता हूं
चेहरा जाना पहचाना लगता है
शक्ल तो मेरी है पर
चेहरा तेरा ही पाता हूं
खुद में खुद को ना पाकर
खुद में मैं तुझ सा पाता हूं
खुद में खुद को ना पाकर
चेहरे पर मुस्कराहट आती है
मगर मुस्कुराहट में भी
मैं तुझ सा ही पाता हूं
राह चलते खुशियां खोज लेता हूं
उन खुशियां में भी तू शामिल है
मेरे साथ तो तेरा ख्याल होता ही है
मुनासिब होता अगर साथ तू भी होती |
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चेहरा तेरा ही पाता हू़ं
chinku
September 13, 2020
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