लम्हा जैसा भी हो, अब
मैंने तो हंसना सीख लिया |
दुःख अब जितना भी हो
मैंने तो सहना सीख लिया|
दूरी चाहे जितनी भी बढ़ जाए
मैंने तो अब चलना सीख लिया |
कोई कुछ भी बोले मुझे, अब
मैंने तो सुनना सीख लिया|
चाहे कोई बात न करे मुझसे
मैंने तो गुनगुनाना सीख लिया |
ठोकरें बहुत खाए हैं मैंने पर
अब गिरकर संभलना सीख लिया|
परिस्थिति जैसी भी खडी कर दी जाए
मैंने खुद को ढालना सीख लिया|
पंख काटने वालों को मालुम कहां
मैंने अरमानो के सहारे उडना सीख लिया|
जब बात किसी से साझा न कर पाया
मैंने तो लिखना सीख लिया|
मुश्किल अब जितनी भी आ जाए
मैंने तो अब मुस्कराना सीख लिया|
गम देना चाहो,तुम भी दे दो
मैंने तो उसे छिपाना सीख लिया|
जब से नयी सोंच मिली है
मैंने तो सीखना सीख लिया |
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सीखना सीख लिया
chinku
September 13, 2020
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