आधी रात को
कोई दर्द, कोई याद
कोई कविता, कोई कहानी
गहरी नींद में
दिलो दिमाग का दरवाज़ा खटखटाती है
नींद टूट जाती है
मैं उठती हूँ
हटाती हूँ पलकों की चादर
खोलती हूँ होश के दरवाज़े
लेती हूँ सभी को अंदर
फिर रात भर चलती है
ज़िन्दगी की जद्दोेजहद
सुबह एक हकीकत
कोई मासूम-सी कहानी,
कोई मरहम-सी कविता बन जाती है
और उनींदी एक लड़की अपनों के लिए मुस्कुराती है।
~प्रेरणा सारवान
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मरहम सी कविता
chinku
September 13, 2020
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